बिहार (अब झारखंड राज्य) के कोयला क्षेत्रों में राष्ट्रीयकरण के उपरांत 15 फरवरी 1980 में भारत कुकिंग कोयला लिमिटेड के अधिकार क्षेत्र में धनबाद स्थित कोयला मैदानी क्षेत्रों में संपर्क मार्ग को तेजी से बनाने के लिए हीरक परियोजना की स्थापना की गई । उन दिनों वह क्षेत्र कोयला माफिया के अधिकार में था और राज्य में पी डब्ल्यू डी का कार्य प्रभावी नहीं था । शुरूआत में मुख्यालय परियोजना को भारत सरकार, सी स वि म के दिनांक 15 फरवरी 1980 के पत्रांक          एफ 114 (13/64-पर्स/23603/सीसम/ई2(स्था.) के तहत  मुख्य अभियंता द्वारा कमांड की जाने वाली विशेष कृतिक बल के रूप में स्वीकृति प्रदान की गई ।

     

हीरक को 01 अप्रैल 1995 से परियोजना की पूर्ण नफरी के साथ प्राधिकृत किया गया जिसके अधीनस्थ तीन कृतिक बल कार्यरत थे । हालांकि मुख्यालय सी0 0 0 के दिनांक 16 मार्च 1998 के पत्रांक 17812/सीसम/ई2(स्था.) के तहत 01 अप्रैल 1998 में स्टॉफ की प्राधिकृत नफरी को घटाकर विशेष कृतिक बल की नफरी तक सीमित कर दिया गया था । अप्रैल 1998 में नक्सली प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और भंडारा जिले में सड़क तथा पुल निर्माण कार्य हेतु विशेष कृतिक बल हीरक को नागपुर में स्थानांतरित कर दिया गया । भूतल सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा फरवरी 1998 के दौरान हीरक परियोजना को महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ राज्य में 291 किमी. तक नक्सली प्रभावित क्षेत्रों में (निजामाबाद से जगदलपुर तक) राष्ट्रीय राजमार्ग-16 के विकास का कार्य सौंपा गया ।

     

मु0 सी000 के दिनांक 21 फरवरी 2011 के पत्रांक 12218/मूव/सीसम/62/ईजी2 के तहत वि0कृ00 हीरक को नागपुर (महाराष्ट्र) से चंपावत में स्थानांतरित कर दिया गया और 21 अप्रैल 2011 में इस परियोजना द्वारा 761 सी00कृ00/शिवालिक परियोजना के पूरे सेक्टर को अधिकार में ले लिया गया । 50 सी00कृ00 के विजयपुर से चंपावत में स्थानांतरित होने के कारण वि0कृ00 हीरक को 11 नवंबर 2012 में चंपावत से टनकपुर में स्थानांतरित कर दिया गया । पिछले 33 वर्षों में हीरक परियोजना द्वारा आंध्र प्रदेश बिहार, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उड़ीसा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल राज्यों तथा अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह (यू टी) में एयर फील्ड कार्य, पुल निर्माण कार्य, भवन निर्माण कार्य, जीएस/सी एस जी सड़क/एम एच ए सड़क/डिपोजिट/राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण संबंधी कार्य किए गए हैं । परियोजना द्वारा निम्नलिखित गौरवशाली कार्यों का निष्पादन किया गया हैः-

 

1)  जुलाई 1997 में रू0 28.98 करोड़ की लागत से बी सी सी एल कार्य को पूरा किया गया ।

 

2)  1996 में रू0 17.05 करोड़ की लागत से अरकोणम एयरफील्ड का कार्य पूरा किया गया ।


 

 

 

3)  1999 में रू0 54.30 करोड़ की लागत से वाराणसी-रामनगर-मुगलसराय बाईपास का कार्य पूरा किया गया ।

 

4)  1998 में आंध्र प्रदेश में रू0 17.14 करोड़ की लागत से दमाकु-निमाला-पाडू मार्ग पूरा किया गया ।

 

5)  रू0 145.50 करोड़ की लागत से महाराष्ट्र डिपोजिट कार्य को 31 मार्च 2012 तक पूरा किया गया ।

 

6)  रू0 489.40 करोड़ की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग-16 (निजामाबाद से जगदलपुर तक) का कार्य  31 मार्च 2012 तक पूरा किया गया ।



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