सुरंग यथार्थ

हिमाचल प्रदेश में लेह और लाहौल तथा स्पिति घाटी के सभी मौसमों के दौरान रास्ता प्रदान कराने के उद्देश्य से इस सुरंग परियोजना पर 1983 से बहुत पहले विचार किया गया था । मनाली से 51 किमी0 दूर, 3978.00 मीटर (13044 फीट) की ऊँचाई पर स्थित रोहतांग दर्रे में वर्ष में चार माह में अधिक सड़क परिवहन के रखरखाव की गहन समस्या होती है । इसे भारी बर्फबारी, उच्च वेग की हवाएं और शून्य से नीचे तापमान का सामना करना पड़ता  है । तद्नुसार मेसर्स राइट्स द्वारा रोहतांग दर्रे के चारो ओर सुरंग निर्माण हेतु अध्ययन किया गया । सुरक्षा कैबिनट कमेटी से औपचारिक अनुमोदन हेतु विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डी पी आर) को पेश किया गया । इस परियोजना का औपचारिक अनुमोदन अभी तक प्रतीक्षित है । प्रस्तावित रोहतांग सुरंग की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैः-

 

सुरंग की लंबाई

:

09 कि0मी0

सुरंग का आकार

:

घोड़े के नाल का आकार । सड़क तल से 10.00 मी0 की चौड़ाई तक कार्य पूरा किया जा चुका है । (दोनों ओर से 8.मी. पेवमेंट और 1.00मी. फुटपाथ)

सुरंग की सामान्य ऊँचाई

:

यह 3000-3100 मी0 ऊँचाई के बीच है ।

डिजाइन की गति

:

80 किमी0 प्रति घंटा

टनलिंग मीडिया का भूविज्ञान

:

स्फटिक का  एकान्तर अनुक्रम में एकसमान ढलान, स्फटिक स्तरित चट्टान, पतले बैंड के साथ स्फटिक-डायोलाइट-स्तरित चट्टान

क्षेत्र में तापमान की विभिन्नता

:

मई-जून के दौरान 25-300 सेंटीग्रेट

दिसंबर-जनवरी के दौरान -200 सेंटीग्रेट से -20 सेंटीग्रेट

 

अधिभार

:

अधिकतम-1900 मी0 सामान्यतः 600 मी0 से अधिक

निर्माण करने की प्रस्तावित तकनीक

:

एन ए टी एम के साथ ड्रील और विस्फोट

प्रस्तावित अवलंब पद्धति

:

मुख्य अवलंब पद्धति हेतु फाइबर रेनफोर्स्ड कंक्रीट (100 से 300 मिमी तक मोटी) (26.50 मिमी व्यास का 5000मिमी से 9000मिमी तक लंबी) रॉक बोल्ट के साथ प्रस्ताव दिया गया है । इसके साथ खराब चट्टान की स्थिति मे लचीले स्टील रिब्स (आई एस एम बी 150/आई एस एम बी 300) का भी प्रस्ताव दिया गया है ।


संपर्क मार्ग

मनाली-लेह मार्ग से सुरंग को सही ढंग से जोड़ने के लिए दोनों छोरों पर तथा सुरंग को बनाने के लिए संसाधनों के आवागमन हेतु भी संपर्क मार्ग का निर्माण आवश्यक है प्रारंभ में न्यूनतम आवश्यक विनिर्देशन के साथ संसाधनों के आवागमन हेतु संपर्क मार्ग का निर्माण किया जाएगा, बाद में इसे दोहरे राष्ट्रीय राजमार्ग विनिर्देशन के रूप में विकसित किया जाएगा और तब यह संपर्क मार्ग कहलाएगा/फार्मेशन, सरफेसिंग और स्थायी पुल के निर्माण का कार्य प्रगति पर हैं और संपर्क मार्ग की अद्यतन प्रगति अधोलिखित हैः-

 

फार्मेशन कटिंग      - 59 प्रतिशत

सरफेसिंग कार्य            - 16 प्रतिशत

स्थायी कार्य         -     ----


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