बी आर ओ की पहली परियोजना टस्कर की स्थापना 1960 में हुई जिसे जून 1963 में वर्तक परियोजना का नाम दिया गया । यह परियोजना अरूणाचल प्रदेश तथा असम में तैनात है । यह परियोजना प्रति वर्ष 120 करोड़ का कार्य कर रही है ।

 

वर्तक परियोजना द्वारा 2776 कि0मी0 नई सड़कें, 150 स्थायी पुल तथा प्रतिष्ठित भवन एवं परियोजनाओं का निर्माण किया गया । इस परियोजना के अधीन 1690 कि0मी0 सड़क निर्माण तथा 2134 कि0मी0 अनुरक्षण कार्य चल रहा है । इसके अंतर्गत कई स्थायी पुल, पूर्वोत्तर में विज्ञान तथा तकनीकी संस्थान ईटानगर, तेजपुर विश्वविद्यालय तथा नवोदय विद्यालय के लिए प्रतिष्ठित भवन निर्माणाधीन है ।

 

इस परियोजना द्वारा पहाड़ी सड़कों का निर्माण तथा सभी रैंक के लिए स्थायी आवास का निर्माण सबसे प्रथम किया गया । वर्तक परियोजना ने बी आर ओ में स्थाई पुलों के निर्माण की नींव रखी तथा 1972 सें विभागीय सेतु निर्माण कार्य शुरू किया । इस परियोजना द्वारा 400 फुट लंबाई के बेली ससपेंशन पुल तथा 340 से अधिक उपस्कर पुलों को सफलतापूर्वक उदघाटन (लांच) किया गया है ।

 

1999 में डोजरों तथा कर्मचारियों को वायुयान द्वारा कठिन सीमावर्ती इलाकों में सड़कों को प्राथमिक्ता के तौर पर बनाने का आप्रेशन प्रारंभ किया । भारी बारिश तथा अत्यधिक भूस्खलन के बावजूद वर्तक परियोजना ने अपना नारा "धैर्य, लगन एवं प्रदर्शन"   ("Patience, Perseverance and Performance") को सार्थक करते हुए नियमतः सड़क यातायात को लगातार बहाल रखा । वर्तक को अरूणाचल प्रदेश की आर्थिक प्रगति के नाम से जाना जाता है ।

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